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ध्यान-अभाव अतिसक्रियता विकार (ए.डी.एच.डी.) अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेरे आठ साल के लड़के के बारे में मुझे अध्यापकों से शिकायतें मिलती रहती हैं कि वह कक्षा में ध्यान नहीं देता है और यहां तक कि एक लेक्चर के लिए भी एक स्थान पर टिककर नहीं बैठता है। क्या आप मेरी मदद कर सकते हैं?

आपका लड़का संभवतः ए.डी.एच.डी. से पीड़ित हो सकता है। यह एक सामान्य मानसिक समस्या है जो बचपन में शुरू होती है और किशोरावस्था से लेकर वयस्क होने की अवस्था तक ज़ारी रह सकती है। ए.डी.एच.डी. से पीड़ित बच्चों को स्कूल में और घर में भी ध्यान देने में कठिनाई महसूस होती है। ऐसा नहीं है कि ये ध्यान देने की चेष्टा नहीं करते हैं; मगर इनको पढ़ाई में ध्यान लगाने में कठिनाई महसूस होती है। ये बच्चे अपनी उम्र के अन्य बच्चों की तुलना में कुछ ज़्यादा ही चपल या आवेगशील हो सकते हैं। इन कारणों से ये बच्चे कठिन या व्यवहार की समस्याओं वाले बच्चे समझे जाते हैं।
आपके बेटे को सही इलाज़ की ज़रूरत है। होमियोपैथी की दवाइयां इन बच्चों की एकाग्रता और शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार करने वाली सिद्ध हुई हैं। हमारी दवाइयां सुरक्षित हैं और इनका कोई दुष्प्रभाव भी नहीं होता है।

मेरा छः साल का बेटा इस कदर अशांत रहता है कि एक जगह पर बैठ नहीं सकता है। वह घर के चारों ओर दौड़ता रहता है और अक्सर खुद को चोट पहुँचाता है। किसी भी तरह की डांट-फटकार या दूसरे त़रीके काम नहीं आ रहे हैं। मैं इस परेशानी से कैसे निबटूं?

आपका लड़का शायद ए.डी.एच.डीकी समस्या से पीड़ित है।इस अवस्था के अनुसार, बच्चों को एक जगह पर बैठने में या किसी चीज़ पर लंबे समय तक ध्यान लगाने में परेशानी होती है।क्योंकि यह एक चिकित्सकीय समस्या है, डांट-फटकार लगाना निश्चित रूप से इसका समाधान नहीं है।दरअसल,इससे हालात बिगड़ भी सकते हैं और उसकी प्रतिक्रिया अधिकआक्रामक हो सकती है और वह जान-बूझकर खुद को चोट पहुँचा सकता है। इसके विपरीत, सही आचरण की प्रशंसा करना या इनाम देना बेहतर कदम साबित हो सकता है।आप क्या करें या क्या न करें की एक सूची बना सकते हैं और जब कभी भी वह कोई सही या गलत काम करे, उसके सामने एक मुस्कुराता चेहरा या सितारा बना कर अपनी प्रतिक्रया व्यक्त कर सकते हैं।इस प्रकार जब वह पाँच सितारे जमा कर लेता है तो आप उसे कोई उपहार दे सकते हैं।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आपको उसके लिए चिकित्सकीय उपचार लेने की सख्त जरूरत है।डॉ. बत्रा™में, हमारे पास चिकित्सकों की एक टीम मौज़ूद है जो ए.डी.एच.डी. से पीड़ित बच्चों के इलाज़ के लिए गहनता से काम करते हैं।हमारेचिकित्सकीय सलाहकार बोर्ड में वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ भी मौजूद हैं।हमारी होमियोपैथिक दवाइयों ने बिना किसी दुष्प्रभाव के बच्चों के विकास और व्यवहार संबंधी कौशल में सुधार सिद्ध किया है।

मेरे लड़के के पैदा होने के बाद सेमैंने मेरी छः साल की बेटी के व्यवहार में अचानक एक बदलाव देखा है। वह आवेगशीलबन गई है और मुझे उसके अतिसक्रिय व्यवहार परउसकेदैनिक देखभाल केंद्र से शिकायतें भी आने लगी हैं। क्या आप मेरी मदद कर सकते हैं?

एक नए बच्चे के पैदा होने पर पहले पैदा हुए बच्चे में व्यवहार संबंधी मामूली बदलाव होना सामान्य है।आपकी बेटी के इस परिवर्तन को स्वीकार करनाआपके लिए बहुत आवश्यक है।अचानक उसेअपने माता-पिता के प्यार और ध्यान को किसी अन्य के साथ बाँटना पड़ रहा है। उसमें अचानक आया यह व्यवहारिक बदलाव आपका ध्यान खींचने के लिए भी हो सकता है, ख़ास तौर पर अगर उस पर पहले ही काफी ध्यान दिया जाता रहा है।इसलिए,सबसे पहले आपको यह जताना है कि उसे सब प्यार करते हैं।
आप हर दिन कुछ समय उसके साथ आमने-सामने रहकर बिताने की कोशिश करें जब नवजात शिशु सो रहा हो या किसी अन्य की देखरेख में हो।परिवार के अन्य सदस्यों को भी यही करने के लिए प्रोत्साहित करें। इससे निस्संदेह उसे विशेष ध्यान मिलेगा जिसकी उसे अत्यधिक ज़रूरत है। उसके होमवर्क में उसकी मदद करें और ऐसे अन्य उपाय ढूंढें जिससे वह अपने छोटे भाई की देखभाल करने में आपकी मदद कर सके।उसे यह तसल्ली दीजिए कि आप उससे उतना ही प्यार करते हैं जितना पहले करते थे।इससे उसके व्यवहार मेंसकारात्मक बदलाव होंगे,और उसके लिए अपने भाई को परिवार के सदस्य के रूप में स्वीकार करने में आसानी होगी।
अगर यह परेशानी फिर भी ज़ारी रहती है तो आप अपनी बेटी को हमारे किसी भी क्लीनिक में लेकर आएं।होमियोपैथी बच्चों में व्यवहार के बदलाव को महत्वपूर्ण मानता है, क्योंकि यह मनो-सामाजिक समस्या या यहां तक कि अस्थमा और त्वचा की समस्याओं का भी कारण बन सकता है क्योंकि उनको जिस तरह की भावनात्मक हलचल का सामना करना पड़ता है उससे कई तरह की समस्याएं पैदा होती हैं।
हम उसके मामले को देख-परख कर एक व्यकि्तगत इलाज़ की योजना का सुझाव देंगे। हमारी होमियोपैथी दवाइयांउसको अपने भावात्मक हलचल का बेहतर ढंग से सामना करने मेंमदद करेंगी और उसके व्यावहारिक कौशल को सुधार मेंसहायक सिद्ध होंगी।

मेरा आठ साल का लड़का है जो लगभग हर दिन अपने आवेगशील बर्ताव के कारण अन्य बच्चों से झगड़ा मोल लेता रहता है। उसके लगभग सारे दोस्त उससे दूर रहना चाहते हैं। कृपया मदद करें।

आपके लड़के का अन्य बच्चों से झगड़ा मोल लेना आपके लिए घबराहट या शर्म-संकोच में ड़ाल सकता है।यह उसके लिए ख़तरनाक भी हो सकता है क्योंकि वह अपने आपको और दूसरे बच्चों को चोट और नुकसान भी पहँचा सकता है।छोटे बच्चों का इस तरह का बर्ताव बचपन में असामान्य नहीं है। हालांकि, जब यह घटनाएं बार-बार होने लगेंया जब उसे कोई चीज़ पसंद ना आने पर हमेशा इस तरह का बर्ताव करने लगे तोआपको इस तरह के व्यवहार परध्यान देना चाहिए और उसके व्यवहार को बदलने में उसकी मदद करनी चाहिए।
आपका पहला कदम आपके लड़के के इस बर्ताव के पीछे के कारणों को समझने का होना चाहिेए। क्या कुछ हो रहा है उसके बारे में जितना ज़्यादा आप समझ सकते हैंउतना ही बेहतर आप उसकी समस्या के समाधान के अन्य, गैर-आक्रामक तरीकों को ढूँढने में सक्षम होंगे।
हम आपको हमारे चिकित्सकों के साथ एकचिकित्सकीय परामर्श करने का भी सुझाव देते हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि आपका लड़का ए.डी.एच.डी. से पीड़ित है, जो उसके इस तरह के बर्ताव का कारण हो सकता है।ऐसी स्थिति में हम उसकी स्थितिका मूल्यांकन करेंगे सुरक्षित, होमियोपैथी की दवाइयों के साथ इलाज की एक अनुकूलित योजना बना कर देंगे जिससे उसकी अधीरता,बेसब्री और आक्रामकता को कम करने में मदद मिलेगी। हमारी दवाइयों से उसके आत्मविश्वास, एकाग्रता की अवधि और जीवनस्तर में भी सुधार होगा।

मैं अपनी शादी के दस सालों के बाद गर्भवती हुई थी। मेरी बेटी जो सात साल की है, संयुक्त परिवार में रहने के कारण सब उससे लाड़-प्यार करते हैं। इस कारण वह अतिसक्रिय बन गई है और कई बार आक्रामक व्यवहार करती है। क्या हमारे पालन पोषण में कोई गलती हुई है? मुझे ड़र है कि लोग मुझे बुरा पिता कहेंगे। कृपया मेरी मदद कीजिए।

आपकी बेटी शायद ए.डी.एच.डी. से पीड़ित है। कई बार यह बीमारी परिवारों में चलती है। ऐसी संभावना है कि आपका या आपके पति का ए.डी.एच.डी. के रोग का निदान अज्ञात रहा हो, जिसकी वज़ह से आपकी बेटी अतिसक्रियता की समास्या से पीड़ित हुई हो। अक्सर, वयस्कों में ए.डी.एच.डी के रोग का पता तब चलता है जब यह पता चलता है कि उसके बच्चे में यह रोग है। हालांकि, एडीएचडी से पीड़ित सभी बच्चों के मामले में ऐसा नहीं हैं। आप कृपया हमारे चिकित्सकों के साथ चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त करें जो आपके मामले का मूल्यांकन करेंगे और इस अस्वाभाविक व्यवहार के कारण का पता लगाएंगे। हम सुरक्षित, होमियोपैथी दवाइयां निर्धारित करेंगे जिनसे उसके विकास संबंधी और व्यवहारिक कौशल को सुधारने में मदद मिलेगी।
इसके अतिरिक्त, ए.डी.एच.डी. एक ऐसी समस्या है जिसमें न केवल बच्चों के लिए बल्कि पूरे परिवार के लिए चिकित्सकीय इलाज़ और परामर्श की ज़रूरत होती है। इलाज़ के साथ-साथ हमारे चिकित्सक कुछ आसान सुझाव भी देंगे, जैसे दैनिक कार्यों की एक रूपरेखा तैयार करना जिससे आपके बच्चे को कुछ कार्यों को पूरा करने में आसानी होगी और सफलता भी मिलेगी। इस तरह आपके बच्चे को पता चलेगा कि उसे क्या अपेक्षा करनी चाहिए और उससे क्या उम्मीद की जा रही है। इसके अलावा हम आपके बच्चे के लिए लाभकारी व्यायाम और नियमित खान-पान के बारे में भी आपको बताएंगे।/div>

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