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एलर्जिक रिनिटिस - उपचार

होम्योपैथी का लाभ

पारंपरिक उपचारपारंपरिक उपचार के संभावित दुष्प्रभाव*होम्योपैथी के फायदे
एंटी-एलर्जिकदवा पर निर्भरतादवा पर निर्भरता नहीं
प्रतिरक्षा मॉड्यूलेटरविषाक्तताकोई दुष्प्रभाव नहीं

*उपचार के प्रभाव अलग-अलग व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं

यह एक शक्तिशाली और आशावादी उपचार प्रदान करती है!

एक शोध अध्ययन जिसमें श्वसन संबंधी एलर्जी से पीड़ित 147 मरीजों का आकलन किया गया था, इसमें होम्योपैथिक दवा से उपचार में 87.6% सफलता दर देखी गयी।

एक अन्य डबल-ब्लाइंड नैदानिक परीक्षण फिनिक्स मेट्रोपोलिटन एरिया में क्षेत्रीय एलर्जी सीजन के दौरान फरवरी से मई तक किया गया जिसमें हल्के से लेकर गंभीर सीजनल एलर्जिक रिनिटिस से पीड़ित 40 मरीजों में होम्योपैथिक दवाओं और प्लेसबो के प्रभावों का मूल्यांकन किया गया। कुल 40 मरीजों में 26-63 वर्ष के बीच की उम्र के पुरुष और महिला दोनों शामिल थे। इस अध्ययन में होम्योपैथिक दवाओं से उपचारित मरीजों में प्लेसबो के साथ तुलना में बेसलाइन से चार हफ़्तों तक काफी सुधार और सकारात्मक बदलाव देखे गए। इस प्रकार, इस शोधकार्य के नतीजे से सीजनल एलर्जिक रिनिटिस से पीड़ित मरीजों में स्पष्ट रूप से एलर्जिक लक्षणों को कम करने और जीवन स्तर में सुधार के लिए होम्योपैथिक उपचार के संभावित लाभों का पता चला।

प्रामाणिक तौर पर होम्योपैथी एक बड़ी संख्या में मरीजों में रिनिटिस (नेजल एलर्जी) की तकलीफ से काफी राहत प्रदान करती है। होम्योपैथिक दवाएं मुख्य रूप से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को लक्ष्य बनाती हैं जो एलर्जेनों के प्रति अतिसंवेदनशीलता को कम करने में मदद करती है। लंबी अवधि में, होम्योपैथिक उपचार से मरीज एलर्जेनों के प्रति कम आक्रामकता से प्रतिक्रिया करते हैं जिससे धीरे-धीरे अतिसंवेदनशीलता को ठीक करने में मदद मिलती है।

डॉ. बत्रा’जक्यों?

डॉ. बत्रा’ज™ में पिछले 35 वर्षों में हजारों मरीजों का एलर्जिक रिनिटिस (नेजल एलर्जी) के लिए इलाज किया गया है और उन्होंने इस कष्टदायक बीमारी से काफी राहत मिलने की सूचना दी है। एलर्जी के इलाज के लिए हमारी मरीज संतुष्टि दर 94 के आसपास है। डॉ. बत्रा’ज™द्वारा किये गए इलाज के संपूर्ण दृष्टिकोण से मरीजों को अपनी बीमारी से लड़ने और लंबी अवधि में बेहतर जीवन स्तर जीने में काफी मदद मिली है। यह सब कुछ पारंपरिक इलाज के साथ जुड़े संभावित दुष्परिणामों के बिना संभव हुआ है।

यह ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि इलाज के साथ मरीज एलर्जिक रिनिटिस (नेजल एलर्जी) के आक्रमणों की बात कह सकते हैं; लेकिन ये आक्रमण कम गंभीर हो सकते हैं और इलाज से पहले अनुभव किये गए आक्रमणों की तुलना में छोटी अवधि तक रह सकते हैं।

प्रभावशाली तरीके से इलाज जारी रहने पर सभी मरीजों के समग्र स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार देखा जाएगा। दिलचस्प बात यह है कि होम्योपैथी ने चिरस्थायी प्रकृति के दीर्घकालिक मामलों में भी काफी मदद की है जो आगे संबद्ध समस्याओं को रोकने में सहायक होती है। एलर्जिक रिनिटिस (नेजल एलर्जी) के मरीजों को जल्द से जल्द होम्योपैथिक इलाज शुरू करने की दृढ़ता से सलाह दी जाती है।

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