स्वस्थ लोग। बदलती जिंदगी।

होम्योपैथी - अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या मैं होम्योपैथी को एलोपैथिक इलाज के साथ जोड़ सकता हूँ?

हाँ, होम्योपैथी एलोपैथिक इलाज का पूरक बन सकती है।
अगर आप लंबे समय से एलोपैथिक दवाओं का सेवन कर रहे हैं तो इसे तुरंत रोक देना उचित नहीं है। ऐसे मामलों में, आपके होम्योपैथी चिकित्सक आपको एलोपैथी के साथ-साथ होम्योपैथी इलाज शुरू करने के लिए सलाह देंगे। जैसे-जैसे आपकी स्थिति में सुधार होता है, आप धीरे-धीरे एलोपैथिक दवाओं का सेवन करना कम कर सकते हैं।
चिकित्सकीय साक्ष्य से पता चलता है कि पारंपरिक दवाएं और होम्योपैथी कुछ बीमारियों के इलाज में एक साथ मिलकर काम करती हैं। इसी तरह का एक अनुसंधान एथेंस में डायबिटीज को नियंत्रित करने में होम्योपथी और एलोपैथी की दवाओं की अनुकूलता की जांच करने के लिए किया गया था। इसमें पाया गया कि केवल पारंपरिक दवाओं से इलाज कराने वाले समूह ने 47% सुधार दिखाया था जबकि एलोपैथिक और होम्योपैथिक दवाओं के एक साथ प्रयोग से किये गए इलाज में 97% सुधार देखा गया था।

सभी होम्योपैथी दवाएं एक जैसी दिखाई देती हैं। एक ही होम्योपैथी गोली कैसे विभिन्न प्रकार की बीमारियों का इलाज कर सकती है?

होम्योपैथिक दवाएं एक जैसी दिखाई दे सकती हैं लेकिन ये एक समान नहीं होती हैं। इनकी अवधारणा एलोपैथिक कैप्सूलों के समान होती है। जो पदार्थ आपका इलाज करता है उसे छोटी-छोटी सफ़ेद गोलियों में रखा जाता है। होम्योपैथी की दवाओं का के मूल तत्वों को 3000 अलग-अलग स्रोतों से प्राप्त किया जाता है जिनमें पौधे और खनिज पदार्थ शामिल हैं। इनके सक्रिय गुणों के सार को विभिन्न सॉल्वेंट्स में निष्कर्षित किया जाता है और तरल होम्योपैथिक दवा को बेहतर स्वाद के लिए छोटे-छोटे, अत्यधिक छिद्रयुक्त, शर्करा की अवशोषक गोलियों में डाला जाता है। इन सफ़ेद शर्करा की गोलियों में मौजूद सामग्री आपकी बीमारी को ठीक करने के लिए होती है।

मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरे होम्योपैथिक चिकित्सक मेरी बीमारी का सही तरीके से इलाज कर रहे हैं?

होम्योपैथिक इलाज आपकी बीमारी के लक्षणों में सुधार देखने में आपकी मदद करेगा। यह संभवतः सबसे अच्छा संकेत है कि आपके चिकित्सक इलाज की सही प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं। इसके अलावा रक्त परीक्षण, एक्स-रे आदि जैसे चिकित्सा मूल्यांकन परीक्षण भी होते हैं जो दिये गए उपचार की सफलता का मूल्यांकन करने में आपकी मदद करते हैं। इसके अतिरिक्त, डॉ. बत्रा’ज™ में, त्वचा संबंधी विकारों के मामले में आप भारत की पहली 3डी इमेजिंग डिवाइस जैसी उन्नत तकनीक की मदद से, खुली आँखों से फर्क दिखाई देने से काफी पहले, इलाज पर अपनी प्रतिक्रिया और अपनी स्थिति में सुधार की जांच कर सकते हैं। इससे आपके पैसे और समय की भी बचत होती है।

क्या होम्योपैथिक दवाओं का कोई दुष्प्रभाव होता है?

नहीं, होम्योपैथिक दवाओं का कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है। होम्योपैथी चिकित्सा की एक प्राकृतिक, सुरक्षित और प्रभावशाली विधि है। होम्योपैथिक दवाएं पौधे और खनिज पदार्थ जैसे प्राकृतिक स्रोतों से बनी होती हैं, इसलिए इनका कोई दुष्प्रभाव नहीं होअया है, भले ही आप जीवन भर इनका सेवन करते हैं। ये पूरी तरह से गैर-विषाक्त और गैर-व्यसनी हैं और इलाज सुरक्षित एवं निश्चित होता है।

क्या होम्योपैथिक चिकित्सकों की एक उचित चिकित्सकीय पृष्ठभूमि होती है? क्या वे एक जनरल फिजिशियन की तरह शिकायतों को सही तरीके से समझने और उनका निदान करने में सक्षम होते हैं?

हाँ, भारत में एक पेशेवर होम्योपैथ चिकित्सक को किसी अन्य एलोपैथिक चिकित्सक की तरह उसी कठिन 4 या 5-वर्ष का कोर्स करना होता है जिसमें किसी अस्पताल में एक वर्ष का इंटर्नशिप शामिल होता है। फिजियोलॉजी, सर्जरी और मेडिसीन जैसे विषय एलोपैथी और होम्योपैथी दोनों में पढ़ाए जाते हैं। इसके अतिरिक्त, होम्योपैथी में डॉक्टर ऑफ़ मेडिसीन [एम.डी. (होम्यो)] बनने के लिए, अन्य तीन वर्षों की पढ़ाई करनी होती है जिसके बाद डर्मेटोलॉजी में एक वर्ष का फेलोशिप कोर्स करना होता है।
इसके अलावा, होम्योपैथी की प्रैक्टिस कभी भी एक प्रकार की बीमारी या सेगमेंट तक सीमित नहीं होती है। उदाहरण के लिए, एलोपैथी में एक डर्मेटोलॉजिस्ट केवल त्वचा की बीमारियों का इलाज करता है और एक गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट केवल पाचन तंत्र की समस्या वाले मरीजों को देखता है। हालांकि, एक होम्योपैथ चिकित्सक को विभिन्न प्रकार की बीमारियों का इलाज करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है जिनमें साइनसाइटिस और एलर्जिक खांसी जैसी सामान्य समस्याओं से लेकर रयूमेटॉइड आर्थराइटिस, सोरायसिस जैसी अधिक गंभीर समस्याएं और यहाँ तक कि कैंसर जैसी बीमारियां शामिल हैं। सही अर्थों में होम्योपैथ चिकित्सक एक मल्टी-स्पेशियलिस्ट होता है।

क्या होम्योपैथिक दवाओं में स्टेरॉयड होते हैं?

होम्योपैथी स्टेरॉयड-आधारित दवाओं के विपरीत, बीमारी को दबाने के बजाय उसे ठीक करने में विश्वास करती है। इसलिए, स्टेरॉयड का इस्तेमाल करना होम्योपैथी के सिद्धांत के विरुद्ध है। सभी होम्योपैथिक दवाओं में प्राकृतिक पदार्थों से औषधीय गुणों को निष्कर्षित करने की वैज्ञानिक विधियों का प्रयोग किया जाता है। दवाओं में किसी अन्य पदार्थ को मिलाने की न तो कोई गुंजाइश होती है और ना ही कोई जरूरत होती है, क्योंकि इससे औषधि के चिकित्सकीय गुण समाप्त हो जाते हैं।
इसके अलावा, डॉ. बत्रा’ज™ में, होम्योपैथिक दवाएं एक खुली फार्मेसी (ग्लास फार्मेसी) में तैयार की जाती हैं जहाँ हमारे मरीज वास्तव में होम्योपैथिक गोलियां तैयार करने की प्रक्रिया को देख सकते हैं। हालांकि, अगर आपको होम्योपैथिक दवाओं की सामग्रियों के संबंध में कोई संदेह होता है तो आप किसी प्रयोगशाला में स्टेरॉयड के लिए उनका परीक्षण करा सकते हैं। कुछ ऐसे विशिष्ट परीक्षण हैं जो किसी निर्दिष्ट कंपाउंड में स्टेरॉयड की उपस्थिति के मूल्यांकन में मदद करते हैं।

क्या होम्योपैथी की गोलियां दीर्घकालिक बीमारियों का इलाज करती हैं? मैं लंबे समय से आर्थराइटिस की समस्या से पीड़ित हूँ और मुझे कई जोड़ों में दर्द होता है। मेरे चिकित्सक ने मुझे सबसे शक्तिशाली उपलब्ध दवाएं दी हैं, लेकिन मुझे अभी भी कोई दीर्घकालिक लाभ दिखाई नहीं दे रहा है।

होम्योपैथी की दवाएं तीव्र और दीर्घकालिक दोनों प्रकार की बीमारियों में राहत देती हैं। दुर्भाग्य से, कई लोग होम्योपैथी के विकल्प को उस समय चुनते हैं जब औषधि की अन्य प्रणालियाँ उनकी बीमारी का इलाज करने में विफल हो जाती हैं। फिर भी, होम्योपैथी आर्थराइटिस सहित कई दीर्घकालिक बीमारियों का इलाज करने में प्रभावशाली सिद्ध हुई है। यह देखते हुए कि आर्थराइटिस एक प्रतिरक्षा-संबंधी बीमारी है, होम्योपैथी इलाज का लक्ष्य प्रतिरक्षा प्रणाली में हुए परिवर्तन को ठीक करना है। यह लाक्षणिक राहत प्रदान करता है और विकृति या अक्षमता जैसी समस्याओं के शुरू होने को विलंबित करता है। अपनी आर्थराइटिस के मूल्यांकन और इलाज के लिए कृपया हमारे किसी भी क्लिनिक में संपर्क करें।

मुझे मेरे इलाज के लिए सही होम्योपैथिक चिकित्सक कैसे मिल सकता है?

आपको यह पता होना चाहिए कि भारत में एक होम्योपैथ चिकित्सक ऐसा व्यक्ति नहीं है जिसने होम्योपैथी में सप्ताहांत या ‘छः-हफ़्तों’ का कोर्स किया है। एक पेशेवर होम्योपैथ 4 या 5-वर्ष का होम्योपैथी कोर्स किया हुआ और होम्योपैथी में प्रैक्टिस करने के लिए अधिशासी निकाय द्वारा प्रमाणित व्यक्ति होता है। यह पता लगाने का एक सरल तरीका है कि आपका पसंदीदा होम्योपैथ चिकित्सक कितना अनुभवी या उच्च प्रशिक्षण प्राप्त है: उनके क्रेडेंशियल की जांच करें और, यदि संभव हो तो उन मामलों के बारे में जानें जिनका उन्होंने पहले इलाज किया है। इसके अलावा आप उनके कुछ मरीजों से उनके अनुभव और इलाज के बाद उनकी चिकित्सकीय स्थिति में सुधार के संबंध में भी बात कर सकते हैं।
अगर आप निश्चित नहीं हैं कि सही होम्योपैथ चिकित्सक को कहाँ ढूंढें, आप किसी प्रतिष्ठित होम्योपैथिक कॉर्पोरेट के पास जा सकते हैं। चिकित्सक सामान्यतः जितने अनुभवी होते हैं उतने ही अच्छे होते हैं। डॉ. बत्रा’ज™ कुल मिलाकर 1600 वर्षों से अधिक का चिकित्सकीय अनुभव रखने वाला एक संस्थान है। इसलिए, हमारे मरीजों को पिछले 35 वर्षों से विभिन्न मामलों का इलाज करने में हमारे अनुभव का लाभ मिलता है। इसके अलावा हम सर्वश्रेष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक और सर्वश्रेष्ठ मरीज अनुभव की सुविधा प्रदान करते हैं।

क्या होम्योपैथी धीरे-धीरे काम करती है?

दीर्घकालिक या तीव्र, कई प्रकार की बीमारियों का इलाज होम्योपैथी के साथ प्रभावशाली तरीके से किया जा सकता है। दुर्भाग्य से, लोग होम्योपैथी चिकित्सक के पास उस समय जाते हैं जब अल्पकालिक समस्या दीर्घकालिक बन जाती है यानी यह अधिक गंभीर और इलाज करने में मुश्किल बन जाती है। वे होम्योपैथी के विकल्प को उस समय चुनते हैं जब औषधि की अन्य प्रणालियाँ उनकी चिकित्सकीय समस्या का इलाज करने या उसे पूरी तरह से ठीक करने में विफल हो जाती हैं। ऐसा अक्सर आर्थराइटिस, अस्थमा, त्वचा की दुर्लभ समस्याओं आदि जैसे मामलों में देखा जाता है। इन मामलों का इलाज करने में औषधि की किसी अन्य प्रणाली के मामले में भी स्वाभाविक रूप से अधिक समय लगता है। बुखार, दस्त, तेज सर्दी, खांसी आदि जैसी तीव्र बीमारियों के मामले में होम्योपैथी दवाएं पारंपरिक दवाओं की तरह तेजी से काम करती हैं, कभी-कभी तो उनसे अधिक तेजी से काम करती हैं। कुछ मामलों में, इस तरह की दवाएं चिकित्सा के अन्य रूपों की तुलना में अधिक तेजी से परिणाम देती हैं।

होम्योपैथिक दवाएं कब तक लेनी पड़ सकती हैं?

आपको होम्योपैथिक इलाज शुरू करने के कुछ ही हफ़्तों के भीतर अपनी स्थिति में सुधार दिखाई दे सकता है; दूसरी ओर, सकारात्मक परिणाम दिखने में कुछ वर्षों का समय भी लग सकता है। होम्योपैथिक इलाज की अवधि बहुत सारे कारकों पर निर्भर करती है जैसे आपकी बीमारी की अवधि, बीमारी की प्रगति और पहले के इलाज जो आपने इसके लिए कराये होंगे। उदाहरण के लिए, अगर आप 8-10 वर्षों से आर्थराइटिस से पीड़ित हैं तो आपको अपनी स्थिति में सुधार देखने के लिए कम से कम 2-3 वर्षों तक होम्योपैथिक दवाएं लेनी पड़ सकती हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि आप अपना इलाज बंद कर सकते हैं। आपको पूरी तरह से ठीक होने के लिए कुछ अधिक समय तक होम्योपैथी दवाएं लेते रहना पड़ सकता है।

क्या होम्योपैथिक इलाज रोक देने के बाद बीमारी फिर से वापस आ सकती है?

आपकी बीमारी की पुनरावृत्ति कई कारकों पर निर्भर करती है। आपको अनुशंसित अवधि तक अपने होम्योपैथिक चिकित्सक द्वारा बतायी गयी दवाएं लेनी होंगी। अगर आप अपने लक्षणों में सुधार दिखाई देने की वजह से इलाज को बीच में रोक देते हैं तो आपकी बीमारी की पुनरावृत्ति की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। आपका होम्योपैथ चिकित्सक इस बात को अच्छी तरह जानता है कि पूरी तरह से ठीक होने के लिए आपको कब तक इलाज जारी रखना आवश्यक है। इसलिए, पुनरावृत्ति से बचने के लिए, अपने होम्योपैथ चिकित्सक द्वारा अनुशंसित अवधि तक होम्योपैथिक दवाओं की बतायी गयी खुराक लेते रहें। इसके अलावा कुछ इलाज-उपरांत, स्वयं-सहायता देखभाल के सुझाव भी हो सकते हैं जिनके बारे में आपके होम्योपैथ चिकित्सक आपको बता सकते हैं। अपनी बीमारी की पुनरावृत्ति रोकने के लिए, अपने होम्योपैथ चिकित्सक द्वारा बताये गए इलाज-उपरांत सुझावों का पालन करें।

क्या होम्योपथी सभी प्रकार की बीमारियों का इलाज कर सकती है?

होम्योपैथिक दवा तीव्र और दीर्घकालीन दोनों प्रकार की बीमारियों में राहत प्रदान कर सकती है। यह बुखार, दस्त, तेज सर्दी, खांसी आदि जैसी अल्पकालिक बीमारियों में त्वरित और प्रभावशाली राहत प्रदान करती है। यह बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी स्मरण शक्ति, विकास और प्रतिरक्षा संबंधी समस्याओं में बहुत अच्छा काम करती है। होम्योपैथी पीसीओडी, पीएमएस, रजोनिवृति आदि जैसी महिला स्वास्थ्य समस्याओं में राहत प्रदान करती है। यह बालों के झड़ने, थायराइड और मोटापा के लिए बहुत अच्छा काम करती है और त्वचा के विकारों, आर्थराइटिस, अस्थमा, डायबिटीज तथा कई अन्य समस्याओं के दीर्घकालिक मामलों के इलाज में प्रभावशाली सिद्ध हुई है। इस प्रकार, होम्योपैथी अधिकाँश बीमारियों के लिए एक सुरक्षित और प्रभावशाली इलाज उपलब्ध कराती है, सिवाय उन मामलों के जिनमें आपातकालीन देखभाल और शल्य चिकित्सा (सर्जरी) की जरूरत होती है।

क्या होम्योपैथिक इलाज में खान-पान पर बहुत सारे प्रतिबंध लगाए जाते हैं?

खान-पान में कुछ प्रतिबंध प्रभावशाली इलाज के लिए औषधि की किसी भी परिणाली में अनिवार्य है। उदाहरण के लिए, डायबिटीज से पीड़ित लोगों को शर्करा की अधिक मात्रा वाले भोजन करने की अनुमति नहीं दी जाती है, और उच्च रक्तचाप के मरीजों को नमक का सेवन कम करने की सलाह दी जाती है। इस तरह के प्रतिबंध इस बात की परवाह किए बिना लागू होते हैं कि मरीज एलोपैथिक या होम्योपैथिक इलाज का विकल्प चुनता है। होम्योपैथिक इलाज के लिए कुछ विशेष प्रतिबंध लगाए जाते हैं; उदाहरण के लिए, यह सलाह आम तौर पर दी जाती है कि मरीजों को होम्योपैथिक दवाओं के सेवन से 15-30 मिनट पहले या बाद कोई भी चीज खाने या पीने से बचना चाहिए। यह होम्योपैथिक दवाओं के काम करने के तरीके की वजह से है और इसका किसी विशेष भोजन को आजीवन करने से बचने के साथ कोई संबंध नहीं है।
होम्योपैथी इलाज की प्रक्रिया से गुजरने वाले मरीज को दवा को अपनी जीभ के नीचे रखना चाहिए ताकि यह नसों के संपर्क में आ सके। होम्योपैथिक दवा को जीभ और मुँह की भीतरी परत के माध्यम से अवशोषित किया जाता है। यही वजह है कि कुछ होम्योपैथ चिकित्सक दवाएं लेने से कम से कम 15 मिनट पहले या बाद कोई भी नहीं खाने की सलाह देते हैं ताकि कोई अन्य चीज दवा के अवशोषण के साथ हस्तक्षेप ना कर सके।

क्या होम्योपैथी शल्य चिकित्सा (सर्जरी) में विश्वास करती है?

सर्जरी ऐसी स्थितियों में आवश्यक है जहाँ दवाओं का सीमित या कोई स्कोप नहीं है। ऐसी अनेक बीमारियाँ हैं जिन्हें ‘सर्जिकल’ का नाम दिया जाता है, जबकि होम्योपैथी आरोग्यकर तरीके से काम करती है और कुछ मामलों में सर्जरी से परहेज भी कर सकती है। इस तरह की बीमारियों के कुछ उदाहरणों में सेप्टिक पुनरावर्ती टॉन्सिलिटिस, बवासीर, एपेंडिसाइटिस के कुछ मामले, गुर्दे की पथरी के कुछ मामले, छोटे आकार के यूटेराइन फाइब्राइड, ओवेरियन सिस्ट, गाँठ, दाने आदि शामिल हैं।
होम्योपैथी ने पोस्ट-ऑपरेटिव केयर, या बाईपास सर्जरी जैसी सर्जरी-उपरांत प्रक्रियाओं में एक उपयोगी सहायक चिकित्सा के रूप में भी अच्छा काम किया है। होम्योपैथी दवा आर्निका ऐसे मामलों में एक पसंदीदा औषधि है।

क्या गर्भावस्था के दौरान होम्योपैथी दवाएं लेना सुरक्षित है?

मितली, एनीमिया, पीठ दर्द, मरोड़, गर्भावस्था की उबकाई, कब्ज, सीने में जलन, रक्तचाप, भावनात्मक तनाव आदि गर्भावस्था के दौरान होने वाली कुछ सामान्य शिकायतें हैं। होम्योपैथी इस तरह की परेशानी से राहत देने के लिए सहजता से और प्रभावशाली तरीके से काम करती है। वास्तव में, पारंपरिक दवाओं के माँ और बच्चे दोनों पर संभावित दुष्प्रभाव हो सकते हैं जबकि होम्योपैथी किसी विषाक्त दुष्प्रभाव के बिना गर्भावस्था संबंधी समस्याओं का प्रभावशाली ढंग से समाधान करती है। बेहतर परिणामों के लिए, होम्योपैथिक दवाएं एक होम्योपैथिक चिकित्सक की निगरानी और मार्गदर्शन में लेने की सलाह दी जाती है।

क्या होम्योपैथिक दवाएं प्रारंभ में लक्षणों को बढ़ा देती हैं?

सही होम्योपैथिक इलाज से, मरीज के पूरी तरह से ठीक होने से पहले लक्षणों में कभी-कभार बिगाड़ देखा जा सकता है। हालांकि, चिकित्सा प्रक्रिया के दौरान शरीर की रक्षा प्रणाली की मजबूती से कभी-कभी लक्षणों में अस्थायी रूप से बिगाड़ देखा जा सकता है। यह एक अच्छा संकेत है जो यह बताता है कि होम्योपैथी दवा सही तरीके से काम कर रही है। सामान्यतः, इस तरह के लक्षण केवल कुछ घंटों से कुछ दिनों तक रहते हैं, सिवाय दीर्घकालिक मामलों के जहाँ लक्षण कुछ अधिक समय तक बने रह सकते हैं।
इसके अलावा, अधिकाँश मरीज होम्योपैथी का विकल्प उस समय चुनते हैं जब एलोपैथी जैसे अन्य इलाज राहत देने में विफल रहते हैं। एलोपैथी लक्षणों को दबाने में विश्वास करती है। इसलिए, कुछ मामलों में पिछले दबाने वाले इलाज के परिणाम स्वरूप लक्षणों में बिगाड़ देखा जा सकता है जिसने बीमारी को शरीर के अधिक गहरे स्तर पर पहुँचा दिया है।

क्या पारंपरिक इलाज की तरह होम्योपैथिक इलाज के लिए रोग निदान और रक्त परीक्षण या एक्स-रे कराने की जरूरत होती है?

चिकित्सा की किसी अन्य प्रणाली की तरह, होम्योपैथी में भी आपकी बीमारी का पूरी तरह से मूल्यांकन करने और सही रोग निदान करने की जरूरत होती है। सीधे तौर पर लक्षणों के आधार पर दवाएं लेने से केवल आपके लक्षणों को छुपाया जा सकेगा, समस्या की जड़ तक पहुँचना संभव नहीं होगा। लक्षण आपके चिकित्सक को इस बात का एक कच्चा संकेत दे सकते हैं कि आप किसी बीमारी से पीड़ित हैं, लेकिन परीक्षणों से रोग का सही तरीके से पता लगाने में मदद मिलेगी। रक्त परीक्षण, एक्स-रे और सीटी स्कैन की रिपोर्ट आपकी बीमारी की प्रगति, आपके शरीर में बीमारी का कारण बनने वाले विषाणु या जीवाणु की उपस्थिति, महत्वपूर्ण खनिज पदार्थों या पोषक तत्वों की कमी और कई अन्य चिकित्सकीय तथ्यों के बारे में चिकित्सक को पर्याप्त जानकारी प्रदान करेगी जिससे उनको एक सही इलाज बताने में मदद मिलेगी।
उदाहरण के लिए, बाल झड़ने की समस्या आयरन की कमी या रक्ताल्पता (एनीमिया) के कारण हो सकती है। आपके होम्योपैथिक चिकित्सक आपकी बाल झड़ने की समस्या के पीछे के कारण की पुष्टि करने में केवल तभी सक्षम होंगे जब रोग निदान की रिपोर्ट इसकी पुष्टि करेगी। इसके अलावा, 3डी इमेजिंग डिवाइस जैसी रोग निदान की उन्नत तकनीक इलाज के प्रति आपकी प्रतिक्रिया और आपकी स्थिति में सुधार को खुली आँखों से देखे जाने से पहले इसके बारे में जानने में आपकी मदद करेगी जिससे आपके पैसे और समय की बचत होगी।

क्यों होम्योपैथिक चिकित्सक अपने द्वारा निर्धारित की गयी दवाओं के नाम का खुलासा नहीं करते हैं?

आज मरीजों में बीमारी के बिगड़ने के पीछे सबसे बड़े कारणों में से एक है अपने आप दवाएं लेना। अपने आप दवाएं लेने के संभावित जोखिमों में गलत खुराक, गंभीर प्रतिकूल प्रतिक्रियाएं, दवाओं का खतरनाक पारस्परिक प्रभाव, दवाओं पर निर्भरता और स्थिति का बिगड़ना शामिल है। जब मरीजों को उन दवाओं का नाम पता चल जाता है जिनसे उनके लक्षणों में एक बार सुधार हुआ है तो वे बीमारी की पुनरावृत्ति के मामले में चिकित्सक की जानकारी के बिना उन्हीं दवाओं से अपनी बीमारी का इलाज करने लगते हैं। इसलिए, अपने आप दवाएं लेने की प्रथा से बचने के लिए एक होम्योपैथ चिकित्सक निर्धारित दवाओं के नाम का खुलासा करने से बचता है। चिकित्सक की सलाह के बिना ली गयी दवा लाभ के बजाय अधिक नुकसान कर सकती है। हालांकि, अगर आप अभी भी निर्धारित दवा का नाम जानने पर जोर देते हैं तो हमारे होम्योपैथ चिकित्सक आपको इसकी जानकारी देंगे।

एक होम्योपैथ चिकित्सक इतने सारे सवाल क्यों पूछता है? मेरा इलाज शुरू करने से पहले मुझे एक होम्योपैथ चिकित्सक को कितनी जानकारियां देना आवश्यक है?

इलाज की एक उचित प्रक्रिया बताने के लिए, हमारे चिकित्सकों को आपकी बीमारी के अलावा आपके बारे में बहुत कुछ जानने की जरूरत होती है। इसमें आपका पिछ्ला चिकित्सकीय इतिहास, पारिवारिक चिकित्सा इतिहास, उन बीमारियों के लक्षण जिनका आप अभी सामना कर रहे हैं और कोई अन्य संबद्ध शिकायत शामिल है जिसने अतीत में आपको परेशान किया होगा। वे आपसे उस इलाज के बारे में भी सवाल पूछ सकते हैं जो आप हमारे क्लिनिक में आने से पहले करा रहे थे। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के अलावा, होम्योपैथिक चिकित्सक आपकी जीवनशैली, खानपान, आपकी पसंद-नापसंद और शौक के बारे में भी जानना चाहेंगे। वे आपके स्वभाव और मनोदशा के बारे में आपसे सवाल पूछेंगे। इसके अलावा वे ऐसे किसी भावनात्मक तनाव के बारे में भी आपसे सवाल पूछ सकते हैं जो आपको परेशान कर रहा है या कोई अतीत की घटना जो तनावपूर्ण रही हो। ये सारी जानकारियाँ आपकी बीमारी के मूल कारण को जानने में हमारे चिकित्सकों की मदद करती हैं, जो शारीरिक या भावनात्मक हो सकती हैं। इन सारी जानकारियों के आधार पर, हमारे चिकित्सक एक उचित होम्योपैथिक इलाज बताएंगे।

क्या स्तनपान कराते समय होम्योपैथिक दवाएं लेना सुरक्षित है?

होम्योपैथिक दवाएं प्राकृतिक होती हैं और कोई विषाक्त दुष्प्रभाव नहीं छोड़ती हैं। ये माँ और बच्चे दोनों के लिए सुरक्षित हैं। इसलिए, स्तनपान कराने वाली माताएं सुरक्षित रूप से होम्योपैथिक दवाओं का सेवन कर सकती हैं।

क्या मैं जब चाहूँ अपने होम्योपैथिक चिकित्सक को बदल सकता हूँ?

एक होम्योपैथिक चिकित्सक आपके इलाज में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ये आपके लिए सबसे उपयुक्त दवा निर्धारित करने से पहले आपके साथ आपके पूरे मामले की विस्तार से चर्चा करते हैं। अगर उनके इलाज से आपकी स्थिति में सुधार हो रहा है, तो अपने चिकित्सक को बदलना आदर्श रूप में एक अच्छा विकल्प नहीं है। हालांकि, अगर किसी कारण से आपको अपने चिकित्सक को बदलना पड़ता है तो कृपया ऐसा केवल अपने वर्तमान चिकित्सक से परामर्श करने के बाद ही करें। बेतरतीब तरीके से अपने चिकित्सक को बदलने से आपका इलाज प्रभावित हो सकता है।

होम्योपैथी कैसे काम करती है?

होम्योपैथी का सिद्धांत हमें बताता है कि बीमारी के लक्षण हमें यह जानने में मार्गदर्शक का काम करते हैं कि क्या गहराई में कुछ गलत हो रहा है और इसमें सुधार की जरूरत है। यह सिर्फ लक्षणों या ‘बीमारी के लेबलों’ का इलाज करने के बजाय पूरे व्यक्ति पर ध्यान केंद्रित करती है। होम्योपैथी का लक्ष्य समस्या के मूल कारण का इलाज करना है, सिर्फ लक्षणों पर पर्दा डालना नहीं।
होम्योपैथी ‘एक समान चीजें एक समान चीजों को ठीक करती हैं’ के सिद्धांत पर आधारित है। यह एक ऐसी दवा की सूक्ष्म खुराक का प्रयोग करके बीमारी या रोग का इलाज करती है जो एक स्वस्थ व्यक्ति में बीमारी के लक्षणों को उत्पन्न करने वाले लक्षणों के समान लक्षण उत्पन्न करेगी। उदाहरण के लिए, जब आप प्याज काटते हैं, आपकी आँखों में पानी आ जाता है और नाक बहने लगती है, और आपको छींक या खांसी भी आ सकती है। यह सब कुछ प्याज के सक्रिय पदार्थों के संपर्क के कारण होता है। होम्योपैथिक दवा एलियम सेपा, जो लाल प्याज से बनी है, ऐसी सर्दी या एलर्जी के हमलों से आपको छुटकारा देने में मदद कर सकती है, जिसमें आपको इसी तरह के लक्षण दिखाई देते हैं – आँखों में पानी आना, नाक बहना, छींक आना, खांसी या गले में खराश होना।
होम्योपैथिक दवा शरीर की अपनी रोग निवारक शक्तियों को उत्प्रेरित करते हुए काम करती है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती है। एक बार जब प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत हो जाती है और प्रभावशाली तरीके से काम करना शुरू कर देती है, कई बीमारियाँ स्वाभाविक रूप से दूर हो जाती हैं।

क्या यह सही है कि होम्योपैथिक दवाएं केवल प्लेसबो (शर्करा की गोलियां) या मनोवैज्ञानिक होती हैं?

‘प्लेसबो प्रभाव’ का वर्णन एक चिकित्सकीय उपचार के बाद देखे गए सकारात्मक बदलाव के रूप में किया जा सकता है जो केवल इलाज के प्रति मरीज की मनोवैज्ञानिक प्रतिक्रिया के कारण होता है। होम्योपैथिक दवा की कार्यकुशलता सिद्ध करने के लिए किये गए अनेक नैदानिक परीक्षणों के बाद, शोधकर्ताओं ने होम्योपैथी के स्वस्थ, चिकित्सकीय लाभों की पुष्टि की है जो उससे कहीं आगे है जिसे केवल प्लेसबो प्रभाव के द्वारा हुआ बताया जा सकता है। होम्योपैथी बच्चों, जानवरों में और पौधों पर भी काम करती है। यह शिशुओं में, यहाँ तक कि पेट दर्द जैसी स्थितियों में भी प्रभावशाली परिणाम दिखाती है। ऐसा संभव नहीं होता अगर होम्योपैथी दवाएं प्लेसबो प्रभाव दिखाने वाली होतीं।
इसके अतिरिक्त, असंख्य ठीक हुए मामलों और संतुष्ट मरीजों के साथ, यह विश्वास करना मुश्किल है कि होम्योपैथी सिर्फ एक प्लेसबो प्रभाव के साथ बीते 200 से अधिक वर्षों में विश्व के लगभग 180 देशों में इतना लोकप्रिय और सफल रहा होगा।

अगर मैं सफ़र कर रहा हूँ तो कितने दिनों की होम्योपैथिक दवा अपने साथ रख सकता हूँ?

होम्योपैथी दवाओं को 8 महीनों से लेकर 1 वर्ष तक सुरक्षित तरीके से रखा जा सकता है। हालांकि, यह सुनिश्चित करें कि आप इन दवाओं को चरम तापमानों, रसोई की गर्मी या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से अलग करके रखें। इसके अलावा इन दवाओं को नमी से मुक्त रखा जाना चाहिए। डॉ. बत्रा’ज™ में, आपको भारत तथा विदेश के अनेक शहरों में हमारी मौजूदगी का लाभ मिलता है। अगर आप सफ़र करते समय अपनी दवा साथ लेना भूल गये हैं तो आप इसे पूरे भारत में उपलब्ध हमारे किसी भी क्लिनिक से प्राप्त कर सकते हैं। चूंकि हमारे सभी चिकित्सकीय रिकॉर्डों को डिजिटल तरीके से सहेज कर रखा जाता है, आपको पूरे भारत में और विदेश में उपलब्ध हमारे क्लीनिकों में हमारे चिकित्सकों से मिलने के लिए अपनी रिपोर्ट साथ लाने की कोई जरूरत नहीं होती है।

क्या अलग विशेषज्ञता वाले होम्योपैथिक चिकित्सक भी हैं जो पारंपरिक चिकित्सा की तरह केवल आपकी विशेष बीमारी का ही इलाज करते हैं?

होम्योपैथी की प्रैक्टिस कभी भी किसी एक प्रकार की बीमारी या सेगमेंट तक सीमित नहीं रही है। एक होम्योपैथ चिकित्सक को विभिन्न प्रकार की बीमारियों का इलाज करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है जिनमें साइनसाइटिस और एलर्जी कारक खांसी जैसी सामान्य समस्याओं से लेकर रयूमेटॉइड आर्थराइटिस, सोरायसिस जैसी अधिक गंभीर बीमारियां और यहाँ तक कि कैंसर जैसी बीमारियां शामिल हैं। सही मायनों में, एक होम्योपैथ चिकित्सक एक मल्टी-स्पेशियलिस्ट होता है।

इलाज के दौरान मुझे कितनी बार होम्योपैथिक चिकित्सक के पास जाना होगा?

अल्पकालिक (तीव्र) समस्याओं के लिए आपको केवल एक बार अपने होम्योपैथिक चिकित्सा के पास जाना पड़ सकता है क्योंकि अधिकाँश अल्पकालिक बीमारियाँ कुछ ही दिनों के भीतर और दवा की कुछ ही खुराकों से ठीक हो जाती हैं। हालांकि, दीर्घकालिक समस्याओं के लिए आपको बार-बार अपने होम्योपैथिक चिकित्सक के पास जाना पड़ सकता है। पहले परामर्श और रोग निदान के बाद, हमारे चिकित्सक एक निजीकृत उपचार योजना बताएंगे और आपसे हर महीने फॉलो-अप मुलाक़ात के लिए वापस आने को कहेंगे। ऐसा उस समय तक चलेगा जब तक कि आपकी बीमारी पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाती है।

क्या मैं होम्योपैथिक उपचार के दौरान परफ्यूम और डियोडोरेंट इस्तेमाल कर सकता हूँ?

अत्यंत तीव्र गंध वाले परफ्यूम और डियोडोरेंट को छोड़कर अन्य विकल्प आपके उपचार के साथ हस्तक्षेप नहीं करेंगे। एंटी-पर्सपिरेंट (पसीना-रोधी दवाएं) हालांकि होम्योपैथिक दवाओं के लिए हानिकारक नहीं होती हैं, फिर भी इनका इस्तेमाल करना ठीक नहीं है क्योंकि ये आपके शरीर की सामान्य क्रियात्मक प्रतिक्रिया को दबाने का काम करती हैं। यद्यपि, कोई भी परफ्यूम और डियोडोरेंट इस्तेमाल करने से पहले आपको अपने होम्योपैथिक चिकित्सक से सलाह लेना उचित है।

अपॉइंटमेंट बुक करें

Book an Appointment at Dr. Batra's

चिकित्सा सहायता की जरूरत है?
अब एक कॉल पर अपॉइंटमेंट बुक करें, या एक पक्के अपॉइंटमेंट के लिए ऑनलाइन भुगतान करें।

क्लिनिक ढूंढें

Locate our clinics at Dr.Batra's

एक संपूर्ण होम्योपैथिक इलाज के लिए अपने निवास स्थान के आसपास डॉ. बत्रा’ज™ क्लिनिक ढूंढें।

मामले का अध्ययन

Case Study at Dr.Batra's

हमारे चिकित्सकीय रूप से प्रशिक्षित 375+ एमडी अपना काम कैसे करते हैं, इसकी गहन जानकारी प्राप्त करें।

हमारी सफलता की कहानियां

Success Stories at Dr. Batra's

हमारे मरीज आपको सबसे अच्छी तरह से बताएंगे कि डॉ. बत्रा’ज™ में इलाज कराने का क्या मतलब है।

close
Forgot Password
email id not registered with us
close
sms SMS - Clinic details to
invalid no
close
Thank you for registering for our newsletter.

Lorem Ipsum is simply dummy text of the printing and typesetting industry. Lorem Ipsum has been the industry's.

close