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एंकायलूजिंग स्पॉन्डिलाइटिस - लक्षण

एंकायलूजिंग स्पॉन्डिलाइटिस के सबसे आम प्रारंभिक लक्षणों में निम्नलिखित बातें शामिल हैं:

दर्द और जकड़न: तीन महीनों से अधिक समय तक पीठ के निचले हिस्से और कूल्हों में लगातार दर्द एवं जकड़न का अनुभव होता है।

हड्डियों में विलयन: एंकायलूजिंग स्पॉन्डिलाइटिस के कारण हड्डियों की अतिवृद्धि हो सकती है, जिसके कारण हड्डियां असामान्य रूप से जुड़ सकती है जिसे ‘हड्डियों का जुड़ना’ कहा जाता है। इस जुड़ावकी वजह से जकड़न और चलने-फिरने में दिक्कत आती है।

स्नायुओं एवं नसों में दर्द: एंकायलूजिंग स्पॉन्डिलाइटिस हड्डियों से जुड़े कुछ स्नायुओं एवं नसों को प्रभावित कर सकता है। इसके कारण जोड़ों में दर्द एवं जकड़न होती है।

एंकायलूजिंग स्पॉन्डिलाइटिस एक बहु-प्रणाली रोग है, जिसका मतलब यह है कि लक्षण जोड़ों तक सीमित नहीं हो सकते। रोगी को बुखार, थकावट तथा भूख में कमी का भी अनुभव हो सकता है।

एंकायलूजिंग स्पॉन्डिलाइटिस से पीड़ित कुछ लोगों को आंखों में लाली एवं दर्द का अनुभव होता है। दुर्लभ मामलों में, व्यक्ति में फेफड़े तथा हृदय की समस्याएं भी विकसित हो सकती हैं।

एंकायलूजिंगस्पॉन्डिलाइटिस के लिए पांच चेतावनी के संकेत:

  1. पीठ के निचले हिस्से में अस्पष्ट दर्द: आम तौर पर कोई भी पीठ दर्द आराम करने से ठीक हो जाता है। एंकायलूजिंग स्पॉन्डिलाइटिस में इसके विपरीत होता है। सामान्यतः सुबह में जगने और लंबे समय तक बैठने के बाद दर्द एवं जकड़न बहुत ज्यादा होता है। आम तौर पर व्यायाम करने से साधारण पीठ दर्द बढ़ जाता है, लेकिन एंकायलूजिंग स्पॉन्डिलाइटिस में व्यायाम करने के बाद पीठ में आराम महसूस होता है। किशोरों और युवाओं के मामले में पीठ के निचले हिस्से में दर्द की शिकायत असामान्य होती है, ख़ास तौर पर अगर यह लगातार हो। ऐसे किशोर एवं युवा वयस्कों को, जिन्हें पीठ के निचले हिस्से या कूल्हों में जकड़न या दर्द की शिकायत होती है, एंकायलूजिंग स्पॉन्डिलाइटिस की जांच करानी चाहिए।
  2. एंकायलूजिंगस्पॉन्डिलाइटिस का पारिवारिक इतिहास: बीमारी का पता आम तौर पर दर्द के स्वरूप, सटीक स्थान और दर्द को बढ़ाने या कम करने वाले कारकोंके विस्तृत इतिहास द्वारा लगाया जाता है। दर्द वाले हिस्से में हरकत कम होने की जांच करने के लिए शारीरिक परीक्षण किया जाता है। हमारे चिकित्सक दर्दनाक जोड़ों के लिए एक्स-रे जैसे परीक्षण करने के लिए भी कह सकते हैं। यदि रोगी का पारिवारिक इतिहास एंकायलूजिंग स्पॉन्डिलाइटिस या सोरायसिस संबंधी आर्थराइटिस का है तो संभावना है कि उन्हें ऐसे जीन विरासत में मिले हों जिनकी वजह से इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।
  3. रोगी की एड़ी(एड़ियों), जोड़ों या सीने में अस्पष्ट दर्द: पीठ में दर्द के बजाय, एंकायलूजिंग स्पॉन्डिलाइटिस के कुछ रोगियों को पहले एड़ी में दर्द या कलाइयों, टखनों या अन्य जोड़ों में जकड़न का अनुभव होता है। कुछ रोगियों की पसली की हड्डियां प्रभावित होती हैं, जहाँ वे रीढ़ की हड्डी से मिलती हैं। इससे सीने में जकड़न पैदा हो सकती है जिसकी वजह से साँस लेने में कठिनाई आती है।
  4. दर्द आता-जाता रहता है, और यह धीरे-धीरे अधिक तीव्रता से रीढ़ की हड्डी में ऊपर की ओर बढ़ता रहता है: एंकायलूजिंग स्पॉन्डिलाइटिस एक चिरकालिक, प्रगतिशील बीमारी है। हालांकि व्यायाम और/या दर्द की दवाओं से अस्थायी रूप से मदद मिल सकती है, लेकिन समय के साथ बीमारी बिगड़ती जाती है। लक्षण आते-जाते रहते हैं, लेकिन पूरी तरह से आना बंद नहीं होते। अक्सर दर्द पीठ के निचले हिस्से से निकलकर रीढ़ की हड्डी तक फैल जाता है।
  5. दर्द-नियंत्रक दवाएं लेने से रोगी को लक्षणों से राहत मिलती है: आइबुप्रोफेन या नेप्रोक्सिन जैसीकाउंटर पर मिलने वाली दवाइयों से पीठ दर्द में राहत मिलती है लेकिन इससेएंकायलूजिंग स्पॉन्डिलाइटिस ठीक नहीं होता है; ये दवाएं दर्द से अस्थायी राहत प्रदान करते हैं।

रोग का निदान

हमारे चिकित्सक दर्द के सटीक स्वरूप तथा इसके शुरू होने एवं बढ़ने के तरीकों को समझने के लिए रोगी के विस्तृत चिकित्सीय इतिहास की मांग करेंगे। रोग की पहचान की पुष्टि करने के लिए शारीरिक परीक्षण भी किया जाएगा।

हमारे चिकित्सक रोगी की श्रोणि के विशिष्ट भागों को दबाकर या एक विशेष अवस्था में उसके पैरों को हिला-डुला कर दर्द को फिर से उत्पन्न करने की कोशिश भी कर सकते हैं। वे रोगी को दीवार का सहारा लेते हुए अपनी एड़ियों तथा सिर के पीछे के हिस्से के साथ सीधे खड़े रहने की कोशिश करने के लिए भी कह सकते हैं। पसली की नरम हड्डियां (उपास्थियां) प्रभावित हुई हैं या नहीं, यह देखने के लिए चिकित्सक छाती को फुलाकर माप भी लेंगे, क्योंकि एंकायलूजिंग स्पॉन्डिलाइटिस में पसली की नरम हड्डियों (उपास्थियों) में सूजन आ जाती है जिसके कारण छाती की हरकत में रुकावट आ जाती है।

एंकायलूजिंग स्पॉन्डिलाइटिस की पहचान करने के लिए इन सारी बातों पर विचार किया जाता है:

  • शुरुआत आम तौर पर 45 वर्ष से कम उम्र में होती है;
  • दर्द तीन महीनों से अधिक समय तक रहता है (अर्थात यह चिरकालिक होता है);
  • पीठ का दर्द एवं जकड़न आराम करने से बढ़ जाता है, विशेष रूप से रात में और सवेरे-सवेरे; यह शारीरिक गतिविधि और व्यायाम के साथ कम होता जाता है;
  • दर्द निवारक दवाइयों (नॉन-स्टेराइडलसूजनरोधी दवाइयों)से दर्द में राहत; और
  • रक्त में एचएलए-बी27 जीन की उपस्थिति

एरिथ्रोसाइट अवसादन दर और सी-रिएक्टिव प्रोटीन जैसे अन्य रक्त परीक्षण जोड़ों में सूजन की पुष्टि करने के लिए उपयोगी होते हैं। एक्स-रे की मदद से हमारे चिकित्सक रोगी के जोड़ों एवं हड्डियों में बदलाव की जांच करते हैं।

जटिलताएं

एंकायलूजिंग स्पॉन्डिलाइटिस के गंभीर मामलों में, स्वस्थ होने के शरीर के प्रयास के एक हिस्से के रूप में एक नई हड्डी विकसित होती है। यह नई हड्डी धीरे-धीरे कशेरुकाओं के बीच के अंतर को मिटा देती है और अंततः कशेरुकाओं के भागों को एक साथ मिलाती है। आपकी रीढ़ की हड्डी के ऐसे भाग सख्त और कठोर बन जाते हैं।

अन्य जटिलताओं में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं:

आँखों में जलन/सूजन (यूवाइटिस) -आंखों में अचानक दर्द की शुरुआत होना एंकायलूजिंग स्पॉन्डिलाइटिस की सबसे आम जटिलताओं में से एक है। ऐसा होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी जाती है।

आँखों में जलन/सूजन (यूवाइटिस) -आंखों में अचानक दर्द की शुरुआत होना एंकायलूजिंग स्पॉन्डिलाइटिस की सबसे आम जटिलताओं में से एक है। ऐसा होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी जाती है।

कम्प्रेशन फ्रैक्चर - कुछ लोगों को एंकायलूजिंग स्पॉन्डिलाइटिस के शुरूआती चरणों में हड्डियों के विरलन का अनुभव होता है। रीढ़ की हड्डियों की टूट-फूट कभी-कभी रीढ़ की हड्डी तथा उससे होकर गुजरने वाली नसों को नुकसान पहुंचा सकती है।

हृदय की समस्याएं -एंकायलूजिंग स्पॉन्डिलाइटिस के कारण हृदय की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। हृदय के किसी भी भाग में सूजन आ जाने से उसके आकार में बदलाव आ सकता है जिस वजह से इसकी सामान्य कार्य पद्धति अस्तव्यस्त हो सकती है।

जबड़ा -स्पॉन्डिलाइटिस से पीड़ित लगभग 10% लोगों को जबड़े में सूजन का अनुभव होता है। इसके कारण खाना खाते समय मुंह को पूरी तरह से खोलने में तकलीफ हो सकती है।

सीना -एंकायलूजिंग स्पॉन्डिलाइटिस से पीड़ित रोगियों को पसलियों के जोड़ों में जकड़न होने के कारण अक्सर सीने में दर्द हो सकता है, जिसकी वजह से वे महत्वपूर्ण गहरी साँस लेने के व्यायाम का अभ्यास करने में असमर्थ होते हैं।

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